up deled question papers

D-EL-ED QUESTION PAPERS & NOTES

It is not an official website.

 




UP deled 1st SEMESTER Question Papers



DELED-1-SEM-BAAL-VIKASH-P1-2020

DELED-1-SEM-SHIKSHAN-ADHIGAM-KE-SIDDHANT-P2-2020

DELED-1-SEM-SCIENCE-P3-2020

DELED-1-SEM-MATHEMATICS-P4-2020

DELED-1-SEM-HINDI-P6-2020


DELED-1-SEM-BAAL-VIKASH-P1-2019

DELED-1-SEM-SHIKSHAN-ADHIGAM-KE-SIDDHANT-P2-2019

DELED-1-SEM-SCIENCE-P3-2019

DELED-1-SEM-MATHEMATICS-P4-2019

DELED-1-SEM-SAMAJIK-ADHYAYAN-P5-2019

DELED-1-SEM-HINDI-P6-2019

DELED-1-SEM-SANSKRIT-P7-2019

DELED-1-SEM-COMPUTER-P8-2019

DELED-1-SEM-BAAL-VIKASH-P1-2018

DELED-1-SEM-SHIKSHAN-ADHIGAM-KE-SIDDHANT-P2-2018

DELED-1-SEM-SCIENCE-P3-2018

DELED-1-SEM-MATHEMATICS-P4-2018

DELED-1-SEM-SAMAJIK-ADHYAYAN-P5-2018

DELED-1-SEM-HINDI-P6-2018

DELED-1-SEM-SANSKRIT-P7-2018

DELED-1-SEM-COMPUTER-SHIKSHA-P8-2018

DELED-1-SEM-BAAL-VIKASH-EVAM-SIKHNE-KI-PRAKRIYA-P1-2017

DELED-1-SEM-SHIKSHAN-ADHIGAM-KE-SIDDHANT-P2-2017

DELED-1-SEM-VIGYAN-SHIKSHAN-P3-2017

DELED-1-SEM-MATHEMATICS-P4-2017

DELED-1-SEM-SAMAJIK-ADHYAYAN-SHIKSHAN-P5-2017

DELED-1-SEM-HINDI-SHIKSHAN-P6-2017

DELED-1-SEM-SANSKRIT-SHIKSHAN-P7-2017

DELED-1-SEM-COMPUTER-SHIKSHA-P8-2017

DELED-1-SEM-BAAL-VIKASH-P1-2016

DELED-1-SEM-SHIKSHAN-ADHIGAM-KE-SIDDHANT-P2-2016

DELED-1-SEM-SCIENCE-P3-2016

DELED-1-SEM-MATHEMATICS-P4-2016

DELED-1-SEM-SAMAJIK-ADHYAYAN-P5-2016

DELED-1-SEM-HINDI-P6-2016

DELED-1-SEM-SANSKRIT-P7-2016

DELED-1-SEM-URDU-P7-2016

DELED-1-SEM-COMPUTER-SHIKSHA-P8-2016

DELED-1-SEM-COMPUTER-SHIKSHA-P8-V2-2016

DELED-1-SEM-HINDI-P6-V2-2016

DELED-1-SEM-SANSKRIT-P7-V2-2016

DELED-1-SEM-URDU-P7-V2-2016


पुराने पेपर्स जो हमारी वेबसाइट पे नहीं है हमें WHATSAPP करें और 10 से 20 रुपए का PAYTM या UPI से पाइए

 




UP DELED 1st SEMESTER SYLLABUS



UP DELED 1 SEMESTER SYLLABUS

( Please confirm any change or update after downloading )

Download PDF

सैद्धान्तिक विषय (Theory Subjects) :

1. बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया

(Child development and learning process) (edu 01)

2. शिक्षण अधिगम के सिद्धांत

(Principles of teaching learning) (edu 02)

 

सामान्य विषय (General Subjects) :

1. विज्ञान (Science)

2. गणित (Mathematics)

3. सामाजिक अध्ययन (Social Study)

4. हिंदी (Hindi)

5. संस्कृत/ उर्दू (Sanskrit/ Urdu)

6. कंप्यूटर शिक्षा (Computer Education)

सैद्धांतिक/प्रायोगिक (Theory/ Practical) :

 कला/ संगीत/ शारीरिक शिक्षा/ स्वास्थय शिक्षा (Art/ Music/ Physical Education/ Health Education)

 



 

बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया (Child Development And Learning Process) (edu 01) :

कक्षा शिक्षण : विषयवस्तु-बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया

बाल विकास :

* बाल विकास का अर्थ, आवश्यकता तथा क्षेत्र

* बाल विकास की अवस्थाएं (शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था) एवं उनके अन्तर्गत होने वाले विकास

* शारीरिक विकास

* मानसिक विकास

* संवेगात्मक विकास

* भाषा विकास-अभिव्यक्ति क्षमता का विकास

* सृजनात्मकता एवं सृजनात्मक क्षमता का विकास

* व्यक्तित्व का विकास- अर्थ, प्रकार

* व्यक्तित्व परीक्षण के तरीके एवं समायोजन के उपाय

* वैयक्तिक भिन्नता- अर्थ, कारक एवं महत्व

* कल्पना, चिन्तन और तर्क का विकास

* बाल विकास के आधार एवं उनको प्रभावित करने वाले कारक

* वंशानुक्रम

* वातावरण (पारिवारिक, सामाजिक, विद्यालयी, संचार माध्यम)

 

अधिगम (सीखना) का अर्थ तथा सिद्धान्त :

* अधिगम का अर्थ प्रभावित करने वाले कारक

* अधिगम की प्रभावशाली विधियाँ

* अधिगम के नियम-थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियम एवं सीखने में उनका महत्व

* अधिगम के प्रमुख सिद्धान्त तथा कक्षा शिक्षण में इनकी व्यवहारिक उपयोगिता

* थार्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धान्त

* पैवलव का सम्बद्ध प्रतिक्रिया का सिद्धान्त

* स्किनर का क्रिया प्रसूत अधिगम सिद्धान्त

* कोहलर का सूझ या अन्तर्दृष्टि का सिद्धान्त

* प्याजे का सिद्धान्त

* व्योगास्की का सिद्धान्त

* सीखने का वक्र- अर्थ एवं प्रकार सीखने में उनका महत्व

* पठार-अर्थ, कारण और निराकरण

 

* अभिप्रेरणा

 

* अर्थ प्रकार एवं महत्व

* ध्यान, अर्थ, प्रकार ध्यान को प्रभावित करने वाले कारक

* रुचि- अर्थ, प्रकार तथा बच्चों के रुचि का परीक्षण

* स्मृति- अर्थ, प्रकार तथा अच्छी स्मृति के प्रभावी कारक

* विस्मरण- अर्थ, कारण एवं महत्व

* सांख्यिकी- अर्थ, महत्व एवं आंकड़ों का रेखा चित्रीय निरूपण।

* माध्य, माध्यिका एवं बहुलक


 

शिक्षण अधिगम के सिद्धांत (Principles of Teaching Learning) (edu 02) :
 

    1.  शिक्षण का अर्थ तथा उद्देश्य

    2.  सम्प्रेषण

    3.  शिक्षण के सिद्धान्त

    4.  शिक्षण के सूत्र

    5.  शिक्षण प्रविधियाँ

    6.  शिक्षण की नवीन विधाएँ (उपागम)

    7.  सूक्ष्म शिक्षण एवं शिक्षण के आधारभूत कौशल

    8.  अपेक्षित अधिगम स्तर

    9.  शिक्षण अधिगम सामग्री, प्रकार, विशेषताएं, निर्माण, प्रयोग तथा रखरखाव में सावधानियाँ

        o   प्रोजेक्ट/सत्रीय कार्य

        o   सन्दर्भ सूची


 

 

सेमेस्टर-1            सामान्य विषय-1      विज्ञान (Science)

 

कक्षा-शिक्षणः विषयवस्तु

* सजीव वस्तुएं : प्राकृतिक और मानव निर्मित वस्तुएं तथा उनका वर्गीकरण, सजीव व निर्जीव वस्तुओं में अन्तर, पौधों और जन्तुओं में अन्तर व समानता। जन्तु व वनस्पतियों में वातावरणीय अनुकूलन।

* वनस्पति जगत : पौधों के विभिन्न भाग एवं उनके कार्य, पौधों एवं जन्तुओं की उपयोगिता, पौधों  के विभिन्न भागों का रूपान्तरण एवं उपयोग।

* पौधों में प्रजनन व उसके प्रकार : अलैंगिक व लैंगिक जनन, पुष्प के भाग, परागण, निषेचन  बीज तथा बीजों का प्रकीर्णन।

* भौतिक मापन : आवश्यकता एवं विधियां स्टैंडर्ड, M.K.S, or S.I. पद्धति, मापन में प्रयुक्त  उपकरण जैसे-रेनगेज, थर्मामीटर आदि ।

* गति एवं बल : गति क्या है, गति के नियम, गति के प्रकार (यथाः रेखीय गति, वृत्तीय गति, घूर्णन गति, दोलन गति) चाल : परिभाषा, सूत्र व मात्रक । बलः पेशीय, गुरूत्वीय, चुम्बकीय, विद्युतीय तथा घर्षण।

* पदार्थ एवं उसकी अवस्थायें : पदार्थ की अवस्थायें (यथाः ठोस, द्रव व गैस) गुण एवं संरचना, पदार्थों का घुलना, मिश्रण के प्रकार व मिश्रणों का पृथक्करण।

निम्नलिखित बिन्दुओं में से किसी एक पर मॉडल तैयार करना

भारत में वर्षा जल संचयन की प्रणाली पर मॉडल (राजस्थान एक केस स्टडी)

* गति के नियमों पर विभिन्न मॉडल

विद्युत चुम्बकीय बल के अनुप्रयोग (डोर बेल का मॉडल) अथवा कोई अन्य।

 


 

 

सेमेस्टर-1           गणित (Mathematics)

 

इकाई 1 - संख्या तथा संख्यांक का बोध, अंकों का ज्ञान, स्थानीय मान

इकाई 2 - गुणा तथा भाग की संकल्पना एवं संक्रियाएँ

इकाई 3 - भिन्न की संकल्पना तथा गणितीय संक्रियाएँ

इकाई 4 - दशमलव संख्या की अवधारणा, दशमलव संख्या में प्रयुक्त अंकों का स्थानीय मान तथा गणितीय संक्रियाएँ

इकाई 5 - अपवर्तक (विभाजक) अपवर्त्य (गुणज), समापवर्तक तथा समापवर्त्य की अवधारणा

इकाई 6 - भाज्य तथा अभाज्य संख्याओं का अर्थ एवं लघुतम समापवर्त्य तथा

महत्तम समापवर्तक की अवधारणा

इकाई 7 - प्रतिशत का अर्थ, संकेत तथा प्रतिशत ज्ञात करना

इकाई 8 - अवर्गीकृत आंकड़ों का पिक्टोग्राफ, बार-ग्राफ तथा पाई ग्राफ द्वारा निरूपण

इकाई 9 - सजातीय तथा विजातीय बीजगणितीय व्यंजकों का बोध, इनका जोड़, घटाना

इकाई 10- तल, तलखण्ड, बिन्दु, रेखा, वक्र, रेखाखण्ड, किरण तथा कोण की संकल्पना

इकाई 11- पटरी तथा परकार की सहायता से 60°, 90° तथा 120° का कोण बनाना

इकाई 12 - कोण के प्रकार (न्यूनकोण, समकोण तथा अधिककोण)

इकाई 13 - त्रिभुज, आयत, वर्ग तथा वृत्त की अवधारणा तथा इनके अंगों की जानकारी

इकाई 14- परिमिति


 

सेमेस्टर-1      सामाजिक अध्ययन (Social Study)

 

इतिहास:

* इतिहास का अर्थ, महत्त्व एवं जानने के स्रोत

* पृथ्वी पर मानव की उत्पत्ति एवं विकास

* नदी घाटी की सभ्यताएं

* वैदिक कालः पूर्व एवं उत्तर वैदिक काल

* महाजनपद काल

* उपनिषद् काल- जैन एवं बौद्धधर्म

 

भूगोल :

* सौरमण्डल

* मानचित्रण

* ग्लोब: अक्षांश व देशान्तर रेखाएं

* पृथ्वी के ताप कटिबन्ध

* पृथ्वी की गतियों

* महाद्वीप व महासागर

* एशिया महाद्वीप में भारत

* भारत की जलबायु, वनस्पतियों एवं वन्य जीव

* खगोलीय संगठन

 

नागरिक शास्त्र :

* ग्रामीण एवं नगरीय शैली

* ग्रामीण जीवन

* नगरीय जीवन

* जनपद स्तरीय प्रशासन

* यातायात एवं सुरक्षा

 

अर्थशास्त्र :

* अर्थशास्त्र एक परिचय

* राष्ट्रीय आय


 

सेमेस्टर-1            हिंदी (Hindi ) :

कक्षा-शिक्षणः विषयवस्तु

* हिन्दी भाषा में ध्वनियों को सुनकर समझना एवं शुद्ध उच्चारण ।

* देवनागरी लिपि के समस्त लिपि संकेतों, स्वर, व्यंजन, संयुक्त वर्ण, संयुक्ताक्षर, मात्राओं का ज्ञान।

* विलोम, समानार्थी, तुकान्त व समान ध्वनियों वाले शब्दों की पहचान ।

* अल्प विराम, अर्धविराम, पूर्णविराम, प्रश्न वाचक, विस्मयबोधक, अवतरण चिन्ह, विराम चिन्ह का ज्ञान और उनका प्रयोग।

* लेखन शिक्षण की विधियाँ और लिखना, सीखने में ध्यान रखने योग्य बातें बैठने का ढंग, आंखों से कागज की दूरी, कलम पकड़ने की विधि, शिरोरेखा, लिपि, अक्षर की सुडौलता और उपयुक्त नमूने, अभ्यास, सुलेख, अनुलेख श्रुतलेख।


 

सेमेस्टर-1            संस्कृत (Sanskrit)

 

कक्षा - शिक्षणः विषयवस्तु

* आस-पास की वस्तुओं, पषु-पक्षियों के संस्कृत नाम की जानकारी।

* संज्ञा, लिंग, एवं वचन की जानकारी।

* संज्ञा एवं सर्वनाम शब्दों के सभी विभक्तियों तथा वचनों का ज्ञान।

* धातु रूप के अन्तर्गत लट् एवं लंङ्, लकार का प्रयोग।

* संज्ञा एवं सर्वनाम शब्द के अनुरूप क्रिया के प्रथम, मध्यम एवं उत्तम पुरूषों का प्रयोग।

* सरल संस्कृत वाक्यों का हिन्दी में अनुवाद ।

* वन्दना एवं नीतिपरक वाक्यों का सस्वर वाचन।

* श्लोकों तथा नीतिपरक वाक्यों का अर्थ ज्ञान।

* एक से बीस तक की संस्कृत संख्याओं का ज्ञान।

* संभाव शिक्षण विधाएँ-शिक्षक प्रशिक्षुओं को गेम, वीडियो क्लिप, ऑडियो क्लिप, करके सीखना, उच्चारणाभ्यास, अनुकरण वाचन, सामूहिक कार्य, खेल, अभिनय, श्यामपट्ट, चार्ट, मॉडल, चित्र, शब्द कार्ड व पटिका के द्वारा गतिविधियाँ कराते हुए शिक्षण अधिगम सिखाना।


 



 यदि सिलेबस में कोई गलती है या पुराना है तो हमें WHATSAPP करें और 30 से 50 रुपए का PAYTM या UPI से पाइए

 




UP DELED 2nd SEMESTER SYLLABUS


UP DELED 2 SEMESTER SYLLABUS

( Please confirm any change or update after downloading )

Download PDF


 

UP BTC D.El.Ed 2nd Semester Subjects List :

 

सैद्धान्तिक विषय (Theory Subjects) :

 

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारंभिक शिक्षा (Current Indian society and elementary education) (edu 03)

प्रारंभिक शिक्षा के नवीन प्रयास (New initiatives for elementary education) (edu 04)

 

सामान्य विषय (General Subjects) :

 

विज्ञान (Science)

गणित (Mathematics)

सामाजिक अध्ययन (Social Study)

हिंदी (Hindi)

अंग्रेजी (English)

समाजोपयोगी उत्पादक कार्य (Socially productive work)

 

सैद्धांतिक/ प्रायोगिक (Theory/ Practical) :

कला/ संगीत/ शारीरिक शिक्षा/ स्वास्थ्य शिक्षा (Art/ Music/ Physical Education/ Health Education)

 

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारंभिक शिक्षा (Current Indian society and elementary education) (edu 03)

वर्तमान भारतीय समाज और प्रारम्भिक शिक्षा

कक्षा शिक्षण : विषयवस्तु

खण्ड-क प्रारम्भिक शिक्षा

*  शिक्षा की संकल्पना, अर्थ (प्राचीन तथा अर्वाचीन) एवं महत्व

शिक्षा के उद्देश्य एवं वर्तमान भारत में शिक्षा के उद्देश्यों को प्रभावित करने वाले कारक

* शिक्षा के प्रकार- औपचारिक शिक्षा, अनौपाचारिक शिक्षा, दूरस्थ शिक्षा

* प्रारम्भिक शिक्षा की पृष्ठिभूमि

     • प्राचीन काल (गुरुकुल एवं बौद्धकालीन शिक्षा)

     • मध्यकालीन शिक्षा (मुगलकालीन शिक्षा)

     • आधुनिक शिक्षा (स्वतन्त्रता के पूर्व एवं पश्चात)

* प्रमुख शैक्षिक विचाराधाराएँ एवं विचारक

      •  आदर्शवाद

      •  प्रकृतिवाद

     •  प्रयोजनवाद

* भारतीय विचारक- विवेकानन्द, रवीन्द्रनाथ टैगोर, महात्मका गांधी, डॉ० राधाकृष्णन, गिजूभाई बधेका

*  पाश्चात विचारक- प्लेटो, रूसो. जॉन डीवी, फ्रोबेल, मॉरिया मॉन्टेसरी

 

खण्ड-ख शिक्षा और समाज :

* शिक्षा और समाज का अन्तः सम्बन्ध

* शिक्षा के प्रभावी कारक-परिवार, समाज. विद्यालय, राज्य एवं जनसंचार साधन

•  शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन-सामाजिक परिवर्तन के कारक

•  विद्यालय और समुदाय के सम्बन्ध-विद्यालय, सामुदायिक केन्द्र के रूप में

•  उभरते समाज के प्रमुख मुद्दे

•  शिक्षा का सार्वभौमीकरण एवं शैक्षिक अवसरों की समानता

•  शिक्षा का व्यावसायीकरण एवं इस पर नियन्त्रण ।

•  बचपन छीनता बाल श्रम- निःशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा में बाधक

•  जनंसख्या शिक्षा- अर्थ, आवश्यकता, महत्व एवं समयानुरूप मानव संसाधन का विकास

•  जातिवाद, अलगाववाद, साम्प्रदायिकता एवं इसके दुष्परिणाम,  सामाजिक/पारस्परिक सौहार्द्र व समरसता वर्तमान आवश्यकता

पर्यावरण प्रदूषण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता

जलसंचयन- ऊर्जा एवं भूमि संरक्षण

भूमण्डलीय ताप वृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग ) एवं जलवायु परिवर्तन

भूमण्डलीयकरण

लैंगिक असमानता तथा उसका प्रभाव, शिक्षा द्वारा लैंगिक समानता के प्रति

समझ व संवेदनशीलता का विकास

जनसंचार माध्यमों की बढ़ती भूमिका और समाज पर इनका बहुआयमी प्रभाव

 

* शिक्षा एवं मानवीय मूल्य

मानवीय मूल्यों की शिक्षा- अर्थ एवं उद्देश्य

मूल्यों के विकास में परिवार, समाज और विद्यालय की भूमिका

राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय सद्भवना की शिक्षा

लोकतांत्रिक, वैज्ञानिक एवं तकनीकी दृष्टिकोण का विकास

 

प्रारंभिक शिक्षा के नवीन प्रयास (New initiatives for elementary education) (edu04)

सामान्य विषय-edu04


 

 

प्रारम्भिक शिक्षा के नवीन प्रयास

कक्षा-शिक्षणः विषयवस्तु

1. प्रारम्भिक पिका के सार्वभौमीकरण हेतु संवैधानिक प्राविधान एवं प्रतिबद्धताएँ

संविधान के अनुच्छेद 21 (ए), 29(2) एवं 45 के अन्तर्गत षिक्षा सम्बन्धी संस्तुतियाँ।

बच्चों के अधिकार (बाल अधिकार)।

निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-09 (RTE.09)

2. प्रारम्भिक विवा के संदर्भ में गठित आयोग एवं समितियां

स्वतंत्रता के पूर्व एवं पश्चात की संक्षिप्त जानकारी

लार्ड मैकाले की शिक्षा नीति, वुड का घोषणा पत्र, हण्टर आयोग, ऑकलैण्ड एवं कर्जन का योगदान

कोठारी आयोग

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 एवं प्रोग्राम ऑफ एक्शन 1992

यशपाल समिति

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2006 (NCF 2005)

शिक्षक शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2009 (NCIETE 2009)

3. प्रारम्भिक शिक्षा के विकास हेतु संचालित कार्यक्रम एवं परियोजनाएं (उ०प्र० के संदर्भ में) विभिन्न

ऑपरेषन ब्लैक बोर्ड परियोजना (OB)

सेवारत अध्यापकों का विस्तृत अभिविन्यास कार्यक्रम (P-MOST)

प्राथमिक शिक्षकों का विशेष अनुस्थापन कार्यक्रम (SOPT)

बेसिक शिक्षा परियोजना (BEP)

जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम (द्वितीय एवं तृतीय) (DPEP)

विद्यालय शिक्षा की तैयारी (स्कूल रेडीनेस) कार्यक्रम

सम्पूर्ण साक्षरता अभियान

सर्व शिक्षा अभियान

• NPEGEL-नेशनल प्रोग्राम ऑफ एजूकेशन फॉर गर्ल्स एट एलीमेन्ट्री लेवल

स्कूल चलो अभियान

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय योजना

0सी0सी00 कार्यक्रम

राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना

मध्याह्न भोजन/पोषाहार वितरण

छात्रवृत्ति वितरण एवं अन्य प्रोत्साहन योजनाएं

  (निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेष, बच्चों हेतु फर्नीचर)


 

 

सेमेस्टर-2              सामान्य विषय-1             विज्ञान

कक्षा- शिक्षणः विषयवस्तु

·        पृथ्वी और आकाश : सौर परिवार एवं तारा मण्डल, छाया एवं ग्रहण, आकाशीय पिण्ड, पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के कारण तथा अन्य ग्रहों पर जीवन की संभावना, भारत व विश्व के अन्य देशों के प्रमुख अंतरिक्ष अभियान।

·        मृदा तथा फसलें : फसल-चक्र, कृषि पद्धतियां तथा उसके उपकरण। कीटनाशक : प्रयोग व पर्यावरण पर उसके दुष्प्रभाव। मृदा अपरदन व संरक्षण (कृषि विधियां)।

·        कार्य व ऊर्जा : कार्य तथा ऊर्जा का मापन व आवश्यकता, ऊर्जा के विभिन्न रूप (यांत्रिक, रासायनिक, ध्वनि, प्रकाश, विद्युत व आवेशीय) ऊर्जा का अपव्यय व संरक्षण, ऊर्जा के विभिन्न स्रोत। ऊर्जा के सीमित व असीमित स्रोत : विकास एवं उपयोग। जैसे सौर ऊर्जा के उपयोग: सोलर कुकर, सौर सेल, जल उष्मक, पवन ऊर्जा के उपयोग: पवन चक्की, ज्वार भाटा आधारित ऊर्जा तथा नाभिकीय ऊर्जा, विभिन्न प्रकार की ऊर्जाओं का अन्त: रूपान्तरण।

·        सरल मशीनें: प्रकार, (उत्तोलक, पेंच, घिरनी, झुका तल, पहिया), दैनिक जीवन में उपयोग।

·        जीवों की संरचनाः कोशिका-ऊतक-अंग-अंगतंत्र-जीव कोशिका की खोज, संरचना, कोशिकांग व उनके कार्य।

·        जीवन की क्रियायें: पोषण, श्वसन, उत्सर्जन, संवेदनशीलता, प्रकाश संश्लेषण, वृद्धि व प्रजनन, वाष्पोत्सर्जन।

·        मानव शरीर के अंग एवं कार्यः मानव कंकाल, पेशियां एवं पेशीय गतियाँ, दाँतों की संरचना, पाचन पंत्र, परिसंचरण तंत्र।

·        भोजन, स्वास्थ्य एवं रोगः भोजन के प्रमुख पोषक तत्व/प्रमुख घटक (प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेड, विटामिन तथा मिनरल), संतुलित आहार, पोषक तत्वों की कमी से होने वाले रोग, परिवेशीय स्वच्छता एवं स्वास्थ्य, संक्रामक रोग व उनकी रोकथाम, टीकाकरण अभियान।

·        तत्वों का वर्गीकरण, परमाणु/परमाणवीय संरचना, संयोजकताः रासायनिक अभिक्रिया, रसायन की भाषा व रासायनिक सूत्र।

·        पास-पड़ोस में होने वाले परिवर्तन: नियमित व अनियमित तथा भौतिक व रासायनिक परिवर्तन, इन परिवर्तनों में ऊर्जा, ऊष्मा का आदान प्रदान।

·        अम्ल, क्षार व लवणः पहचान व विशिष्ट गुण।

·        पर्यावरण प्रदूषण: जल, वायु, ध्वनि तथा मृदा प्रदूषण, इनके कारण एवं प्रभाव। प्राकृतिक आपदाएं कारण, उपाय एवं प्रबन्धन (भूकंप, तूफान, बाढ़, सूखा आदि)।

 

 

 


 

 

सेमेस्टर-2             सामान्य विषय-2           गणित

कक्षा शिक्षणः विषयवस्तु

तीन अंकों तक की संख्याओं का ल00 एवं म00 (अभाज्य गुणनखण्ड एवं भागविधि)

व्यंजक में प्रयुक्त जोड़, घटाना, गुणा, भाग के संकेतों तथा कोष्ठकों का सरलीकरण।

प्राकृतिक, पूर्ण, पूर्णांक तथा परिमेय संख्याओं की अवधारणा ।

पूर्ण संख्याओं पर संक्रियाओं (जोड़, घटाना, गुणा और भाग) के प्रगुण।

पूर्णाक तथा परिमेय संख्याओं पर गणितीय संक्रियाएं तथा इनके प्रतिलोम तथा तत्समक (योगात्मक तथा गुणात्मक)।

समीकरण तथा सर्वसमिका का अर्थ।

रेखीय समीकरण (एक चर में) का हल एवं इस पर आधारित प्रश्न।

व्यंजकों का गुणनफल तथा सर्वसमिकाएँ।

क्षेत्रफल, आयतन और धारिता की संकल्पना तथा इकाई ।

त्रिभुज, आयत एवं वर्ग का क्षेत्रफल |

अवर्गीकृत आंकड़ों की बारम्बारता बंटन तथा आँकड़ों का आयत चित्र द्वारा प्रदर्शन एवं निष्कर्ष निकालना।

सर्वांगसमता तथा समरूपता।

त्रिभुज के सन्दर्भ में सर्वांगसमता की शर्ते ।


 

 

सेमेस्टर-2   सामान्य विषय-3 सामाजिक अध्ययन

कक्षा-शिक्षणः विषयवस्तु

भारतवर्ष में प्रथम साम्राज्य की स्थापना- मौर्यकाल, गुप्तकाल, वर्धनवंश।

सामन्तवाद कालीन भारत- राजपूतों का उदय, प्रमुख राजवंश एवं उनकी सामाजिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियाँ।

दक्षिण भारत के प्रमुख राजवंश- चालुक्य, पल्लव, चोल, राष्ट्रकूट एवं उनकी सामाजिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियां।

अरब में इस्लाम धर्म का उदय, भारत में इसका आगमन व प्रभाव, तुर्क आक्रमण-मुहम्मद बिन कासिम, महमूद गजनवी, मोहम्मद गोरी के आक्रमण व उनका प्रभाव।

सल्तनतकालीन भारत- दिल्ली सल्तनतः स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण-दास या गुलामवंश, खिलजीवंश, तुगलक वंश- दक्षिण में बहमनी व विजयनगर राज्य की स्थापना। सल्तनत का विघटन-मंगोल आक्रमण व उसका प्रभाव-तैमूर व चंगेज खाँ, सैय्यद वंश व लोदी वंश।

सल्तनत कालीन उपलब्धियां-प्रशासनिक, सांस्कृतिक, कलात्मक साहित्यिक, आर्थिक, सल्तनतकालीन समाज, भक्ति आंदोलन व सूफीमत।

सूर्य, पृथ्वी, चन्द्रमा व प्राकृतिक शक्तियों का मानव जीवन पर प्रभाव, चन्द्रमा की कलाएं, चन्द्रग्रहण, सूर्यग्रहण।

पृथ्वी के प्रमुख परिमण्डल- स्थलमंडल, वायुमंडल, जलमंडल, जीवमण्डल।

स्थल मंडल- पृथ्वी की आंतरिक संरचना, शैल के प्रकार।

धरातल के रूप बदलने वाले कारक- आंतरिक, पटलविरूपणी बल, आकस्मिक बल, (वलितपर्वत, ज्वालामुखी पर्वत, भूकम्प, प्रकार एवं प्रभावित क्षेत्र)।

बाह्यबल अनाच्छादन-अपक्षय, अपरदन एवं इनसे बनने वाली भू-आकृतियां।

वायुमण्डल- संघटन एवं संरचना, तापमान, वायुदाब, वायुदाबपेटियाँ, वायुमंडल की आर्द्रता।

पवन के प्रकार- स्थायी एवं अस्थायी (व्यापारिक, पछुआ, ध्रुवीय और मानसूनी), चक्रवात एवं प्रति चक्रवात।

जलमण्डल- समुद्र व उसकी गतियां-समुद्री धारायें तथा उनका तटवर्ती क्षेत्रों पर प्रभाव, ज्वार-भाटा।

हमारा संविधान :

संविधान किसे कहते हैं ?

संविधान के गठन की भूमिका ।

संविधान का गठन।

संविधान की प्रस्तावना एवं विशेषताएँ।

नागरिकता

मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य

नीति निदेशक तत्व

उपभोक्ता जागरूकता- उपभोक्ता शोषण के प्रकार, उपभोक्ताओं के अधिकार और कर्तव्य, उपभोक्ता सुरक्षा के उपाय।

भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान- भारतीय कृषि की प्रमुख विशेषताएं व महत्व, भारतीय कृषि में उत्पादकता, हरित क्रांति व इसका प्रभाव, आर्थिक विकास, कृषि विकास हेतु सरकार द्वारा अपनाए गये उपाय-भारतीय कृषि नीति।

मुद्रा :- मुद्रा का अर्थ एवं प्रकार, साख मुद्रा, चेक, बैंक ड्राफ्ट, प्रतिज्ञा पत्र, हुण्डी, ग्रेशम का नियम, मुद्रा स्फीति, मुद्रा अपस्फीति, मुद्रा संकुचन, मुद्रा का अवमूल्यन-अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय रूपये का मूल्य, भारत की मौद्रिक नीति।

भारत का औद्योगिक विकास, प्रमुख उद्योग-लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, भारत की नई औद्योगिक नीति, बहुराष्ट्रीय कम्पनियां।

सेमेस्टर-2    सामान्य विषय-4 हिन्दी

कक्षा-शिक्षणः विषयवस्तु

कहानी, लोककथा, रोचक प्रसंगों को ध्यानपूर्वक सुनना व याद करना।

परिवेशीय विषयों, सामाजिक घटनाओं, स्व अनुभवों पर चर्चा ।

गद्य व पद्य के अंशों को शुद्ध उच्चारण, लय एवं उतार-चढ़ाव के साथ पढ़ना, बोलना।

स्वतंत्र (मौखिक एवं लिखित) अभिव्यक्ति।

स्तरानुसार गद्य-पद्य में शब्दों, वाक्यांशों, विराम चिन्हों एवं समान ध्वनियों को समझना।

उपसर्ग, प्रत्यय, सामासिक पदों की पहचान व प्रयोग।

संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया विशेषण, वचन, लिंग तथा काल को पहचानना।

पाठ्यवस्तु का मौन वाचन करते हुए उसमें निहित विचारों, भावों एवं तथ्यों को समझना।

शिक्षक के निर्देशानुसार छोटे-छोटे वाक्य लिखना।

औपचारिक अनौपचारिक पत्र लिखना।

परिचित विषयों पर मौलिक रूप से लिखना।

 


 

 

सेमेस्टर-2 सामान्य विषय-5 अंग्रेजी

1. Theoretical Aspects -

• Different approach and methods of teaching English.

• Bilingual approach.

• Dr. West's new Method.

• Audio-video method.

• Language games.

 

2. Classroom Teaching: Content

• English in our daily lives:

    • Some general Greetings

    • Introducing English alphabet with relevant names of animals, birds, flowers. fruits, vegetables, plants etc.

     • Number names (1-100)

• Oral practice of simple sentences prescribed for Standard. 3, 4 & 5.

• Recitation of Nursery rhymes and poem with a rhythm & intonations.

• Writing practices:

   • Penmanship (hand writing)

   • Words (spelling)

• Grammar

    • Sentences : Kinds and Parts of a sentence

    • Punctuation

    • Determiners of Noun: Article

• Conversational

    • Class room instructions

    • Self-introduction

• Pronunciation: Practice of reading Simple sentences using correct Phonemes, Syllable, and stress (from text books of Standard. 3, 4 & 5).

 

4. Content specifications

•  Viva-voce

• Self-introduction

• Description of a given Picture/ Landscape)

• Narration

• Extempore story writing on any one of the topics given.

•  Vocabulary of 750 words (prescribed for Std. 3-8).

•  Story teaching: Steps of story teaching.

•  Grammar

•  Noun: Kinds and Gender.

•  Determiners of noun:

• Possessives (My. Our. Your. His. Her, Its etc.)

•  Demonstrative (This, That. These. Those)

•  Distributive (Each, Every, Either, Neither)

•  Determiners of number/quantity (few, some, much)

•  Pronoun.

•  Adjectives & degree of comparisons.

•  Verb: Use of Verb in present, past and future.

•  Sentences : Transformation of sentences

    •  Affirmative to negative sentences

 

 

 


 



 यदि सिलेबस में कोई गलती है या पुराना है तो हमें WHATSAPP करें और 30 से 50 रुपए का PAYTM या UPI से पाइए

 




UP DELED 3rd SEMESTER SYLLABUS


UP DELED 3 SEMESTER SYLLABUS

( Please confirm any change or update after downloading )

Download PDF


 

UP BTC D.El.Ed 3rd Semester Syllabus/ Subjects :

 

सैद्धान्तिक विषय (Theory Subjects) :

 

शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार (Educational Assessment Functional Research and Innovation) (edu 05)

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) (edu 06)

 

सामान्य विषय (General Subjects) :

 

विज्ञान (Science)

गणित (Mathematics)

सामाजिक अध्ययन (Social Study)

हिंदी (Hindi)

संस्कृत/ उर्दू (Sanskrit/ Urdu)

कंप्यूटर शिक्षा (Computer Education)

 

सैद्धांतिक/ प्रायोगिक (Theory/ Practical) : कला/ संगीत/ शारीरिक शिक्षा/ स्वास्थय शिक्षा (Art/ Music/ Physical Education/ Health Education)

UP D.El.Ed 3rd Semester Subject wise Syllabus 2019-2020

शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार (Educational Assessment Functional Research and Innovation) (edu 05)


 

 

सैद्धान्तिक विषय-edu05

शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार

कक्षा विक्षणः विषयवस्तु

1. मापन एवं मूल्यांकन

शैक्षिक मापन एवं मूल्यांकन की अवधारणा।

शैक्षिक मापन का अर्थ

मूल्यांकन की संकल्पना

मूल्यांकन के उददेश्य

मूल्यांकन के क्षेत्र

मूल्यांकन की आवश्यकता एवं महत्व।

मूल्यांकन की प्रशासनिक आवश्यकता

मूल्यांकन की शैक्षिक आवश्यकता

मूल्यांकन की शैक्षिक अनुसंधान में आवश्यकता

सामाजिक दृष्टिकोण से मूल्यांकन की आवश्यकता

मापन एवं मूल्यांकन में अन्तर।

परीक्षण एवं मापन में अन्तर

सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन की अवधारणा एवं महत्व।

दक्षता आधारित मूल्यांकन

व्यापक मूल्यांकन

सतत् मूल्यांकन एवं महत्व

सतत् मूल्यांकन की कार्य-प्रणाली एवं सोपान

सतत् मूल्यांकन का क्षेत्र।

सतत् मूल्यांकन की कार्य-प्रणाली एवं सोपान

मूल्यांकन के पक्ष।

ð  संज्ञानात्मक (Cognitive)                     ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग या व्यवहारिकता, विश्लेषण, संश्लेषण एवं मूल्यांकन।

ð  भावात्मक (affective)                           ग्रहण करना या ध्यान देना, अनुक्रिया करना, मूल्य आंकना, संगठन, मूल्य द्वारा विशिष्टीकरण

ð  कौशलात्मक(Conative) एवं                  सामाजिक कौशल

 व्यवहारात्मक Behavior overall activity)    यांत्रिक कौशल

                                                                 गणितीय कौशल

                                भाषायी कौशल

                                उत्तेजना

                                क्रियान्वयन

                                नियंत्रण।

                                समायोजन

                                स्वाभावीकरण

मूल्यांकन के प्रकार -

मौखिक परीक्षा

लिखित परीक्षा

साक्षात्कार/निरीक्षण/अवलोकन/प्रायोगिक

रचनात्मक मूल्यांकन (Formulative Evaluation)

आंकलित मूल्यांकन (Summative Evaluation)

उत्तम परीक्षण/मूल्यांकन की विशेषताएं, शिक्षण अधिगम और मूल्यांकन का संबंध ।

प्रश्न-पत्र निर्माण प्रक्रिया

योजना निर्माण, ब्लूप्रिन्ट, सम्पादन तथा अंक निर्धारण।

प्रश्नों के प्रकार (वस्तुनिष्ठ, अतिलघुउत्तरीय, लघुत्तरीय, दीर्घउत्तरीय)

•  शैक्षिक उद्देश्यों के अनुसार प्रश्नों के पक्ष (ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, कौशल)

मूल्यांकन अभिलेखीकरण (संज्ञानात्मक तथा संज्ञान सहगामी पक्ष) सतत्, मासिक, अर्द्धवार्षिक एवं वार्षिक मूल्यांकन, पुनर्बलन।

निदानात्मक परीक्षण एवं उपचारात्मक शिक्षण।

क्रियात्मक शोध।

शोध का अर्थ, प्रकार, उद्देश्य, आवश्यकता एवं महत्व।

क्रियात्मक शोध के क्षेत्र।

क्रियात्मक शोध के चरण एवं प्रारूप निर्माण।

क्रियात्मक शोध उपकरण निर्माण।

क्रियात्मक शोध का सम्पादन/अभिलेखीकरण।

शैक्षिक नवाचार

शिक्षा में नवाचार का अर्थ, आवश्यकता एवं महत्व।

शैक्षिक नवाचार के क्षेत्र (शिक्षण अधिगम के सुधार हेतु स्थानीय समुदाय/परिवेश के संसाधनों की पहचान और उनका उपयोग कर मूल्यांकन, प्रार्थना स्थल की गतिविधि, पाठ्य सहगामी, क्रियाकलाप, सामुदायिक सहभागिता. विद्यालय प्रबंधन, विषयगत कक्षा-शिक्षण

 


 

 

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) (edu 06)

सेमेस्टर-3

सैद्धान्तिक विषय-edu06

समावेशी शिक्षा एवं विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा, निर्देशन एवं परामर्श

कक्षा शिक्षणः विषयवस्तु

1. खण्ड '' - विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे

शैक्षिक समावेशन से अभिप्राय, पहचान, प्रकार, निराकरण। यथाः अपवंचित वर्ग, भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र, वर्ण, लिंग, शारीरिक दक्षता (दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित एवं वाक / अस्थिबाधित), मानसिक दक्षता।

समावेशन के लिए आवश्यक उपकरण, सामग्री, विधियाँ, टी0एल0एम0 एवं अभिवृत्तियाँ (attitude)|

समावेशित बच्चों का अधिगम जाँचने हेतु आवश्यक टूल्स एवं तकनीकी

समावेशित बच्चों के लिए विशेष शिक्षण विधियाँ । यथा-ब्रेललिपि आदि।

 

2 खण्ड 'ब- निर्देशन एवं परामर्श

समावेशी बच्चों हेतु निर्देशन एवं परामर्श : अर्थ, उद्देष्य, प्रकार, विधियाँ, आवश्यकता एवं क्षेत्र (scope)

परामर्श में सहयोग देने वाले विभाग/संस्थाएँ

मनोविज्ञानशाला, 0प्र0. इलाहाबाद

मण्डलीय मनोविज्ञान केन्द्र (मण्डल स्तर पर)

जिला चिकित्सालय

जिला षिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रषिक्षत डायट मेण्टर

पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण तन्त्र

समुदाय एवं विद्यालय की सहयोगी समितियाँ

सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन

बाल-अधिगम में निर्देशन एवं परामर्श का महत्व


 

 

सेमेस्टर - 3

सामान्य विषय-3

विज्ञान

कक्षा शिक्षणः विषयवस्तु

दैनिक जीवन में विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी (परिवहन, चिकित्सा, जनसंचार, मनोरंजन, उद्योग, कृषि, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, आधुनिक इंधन, दूरस्थ शिक्षा)। मानव समाज को विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी से लाभ व हानियां।

दाब तथा वैज्ञानिक यंत्र।

जीव जन्तुओं के वाह्य एवं आंतरिक अंगों के कार्यों में विविधता।

सूक्ष्य जीवों की दुनिया-संरचना तथा उपयोगिता, सूक्ष्म जीव-दोस्त या दुश्मन। भोज्य पदार्थों का परिरक्षण।

प्राकृतिक सम्पदा का संरक्षण एवं ब्रह्माण्ड जीवों का विलुप्तीकरण।

कार्बन एवं उसके यौगिक।

असंक्रामक रोग/अनियमित जीवन शैली से उत्पन्न रोग (मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारिया) कारण, निदान व उपचार।

पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन, जलीय पौधों एवं जानवरों का प्राकृतिक वास, मद्भिद पौधों एवं जानवरों का प्राकृतिक वास। पर्यावरण असंतुलन में मानव का हस्तक्षेप, वन्य जीव जन्तुओं का संरक्षण कार्यक्रम, ग्रीन हाउस गैसीय प्रभाव, ओजोन-क्षरण, धरती का बढ़ता तापमान।

ऊष्मा, प्रकाश एवं ध्वनि :- ऊष्मा का मापन, संचरण व संवहन। प्रकाश : स्रोत एवं संचरण, प्रकाश का परावर्तन व अपवर्तन, गोलीय, अवतल व उत्तल दपर्ण द्वारा प्रतिबिम्ब का बनना। ध्वनि : संचरण, आवृत्ति व आवर्तकाल।

सेमेस्टर-3

सामान्य विषय-3

गणित

कक्षा-शिक्षणः विषयवस्तु

अनुपात, समानुपात, अनुलोम एवं प्रतिलोम समानुपात का अर्थ।

समानुपाती राषियों में बाह्य पदों एवं मध्य पदों के गुणनफल में सम्बन्ध ।

घातांक की अवधारणा।

पूर्णाक तथा परिमेय संख्याओं को (धनात्मक आधार पर) घातांक रूप में लिखना।

सरल व चक्रवृद्धि ब्याज की संकल्पना।

सरल व्याज, सूत्र तथा चक्रवृद्धि मिश्रधन का सूत्र एवं अनुप्रयोग।

बैंक की जानकारी, बैंक में खाता खोलना तथा खातों के प्रकार।

लघुगुणक की जानकारी, घातांक से लघुगुणक तथा इसका विलोम।

शेयर, लाभांश।

समुच्चय की संकल्पना, लिखने की विधियाँ, समुच्चय के प्रकार (सीमित, असीमित, एकल, रिक्त), समुच्चयों का संघ, अन्तर तथा सर्वनिष्ठ समुच्चय ज्ञात करना।

चर राशियो का गुणनखण्ड, दो वर्गों के अन्तर के रूप के व्यंजकों का गुणनखण्ड, द्विघातीय त्रिपदीय व्यंजकों का गुणनखण्ड।

बीजगणितीय व्यंजकों में एकपदीय तथा द्विपदीय व्यंजकों से भाग।

अवर्गीकृत आंकड़ों के माध्य।

आयतन एवं धारिता की संकल्पना तथा इकाइयाँ।

घन, घनाभ की अवधारणा तथा इनका आयतन एवं सम्पूर्ण पृष्ठ ।

वृत्तखण्ड एवं त्रिज्या खण्ड की अवधारणा।

वृत्त खण्ड का कोण

वृत्त के चाप द्वारा वृत्त के केन्द्र तथा परिधि पर बने कोणों का सम्बोध एवं इनका परस्परिक सम्बन्ध ।

वृत्त की छेदक रेखा, स्पर्श रेखा तथा स्पर्श बिन्दु की अवधारणा।

वृत्त पर दिये हुये बिन्दु से स्पर्श रेखा खींचना।


 

 

सेमेस्टर-3

सामान्य विषय-3

सामाजिक अध्ययन

कक्षा-शिक्षणः विषयवस्तु

 भारत में मुगल साम्राज्य-बाबर, हुमायूँ व उसकी स्वदेश को पुनः वापसी-शेरशाह का उदय, अकबर, जहाँगीर, औरंगजेब व मुगल साम्राज्य का पतन।

•  मुगलों का प्रशासनिक सामाजिक, सांस्कृतिक, कलात्मक एवं आर्थिक क्षेत्र में योगदान।

•  मराठा शक्ति का अभ्युदय-शिवाजी, अट्ठारहवीं शताब्दी में भारत की स्थिति।

•  भारत में यूरोपीय शक्तियों का प्रवेश एवं ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना, पुर्तगाली, डच, अंग्रेज, फांसीसी।

•  भारत की सत्ता के लिए यूरोपीय शक्तियों में संघर्ष-प्रथम, द्वितीय व तृतीय कर्नाटक युद्ध, डूप्ले की नीति, प्लासी का युद्ध. बक्सर का युद्ध, इलाहाबाद की संधि।

•  भारत में अंग्रेजी साम्राज्य की स्थापना-राबर्ट क्लाइव, वारेन हेस्टिंग्ज, लार्ड कार्नवालिस, लार्ड वेलेजली, लार्ड विलियम बैंटिक, लार्ड डलहौजी।

•  जीव मण्डल-प्राकृतिक प्रदेश एवं जनजीवन (शीत कटिबन्धीय प्रदेश, उष्ण कटिबन्धीय प्रदेश, शीतोष्ण कटिबन्धीय प्रदेश, जलवायु, वनस्पति, जीवजन्तु, मानव जीवन), उद्योग धंधे।

•  भूखण्डों का विभाजन-एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका, आस्ट्रेलिया तथा अंटार्कटिका-सामान्य परिचय, जनसंख्या का विस्तार एवं घटक।

•  विश्व में प्राकृतिक संसाधन, यातायात तथा संचार के साधन, खनिज सम्पदा।

•  मनुष्य की आवश्यकता तथा उसकी पूर्ति हेतु प्रयत्न की दिशा में प्राकृतिक सम्पदा का उपयोग एवं संरक्षण।

हमारा भारत-प्राकृतिक एवं राजनैतिक इकाईयां, हमारी प्राकृतिक सम्पदा और उनका सदुपयोग।

•  हमारी खनिज सम्पदा, शक्ति के साधन, कृषि और सिंचाई, आयात-निर्यात।

सरकार के अंग-शक्ति का पृथक्करण, शक्तियों का बंटवारा केन्द्र सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची के प्रमुख विषय।

•  संसद -

लोकसभा- सदस्यों की योग्यताएं, कार्यकाल, पदाधिकारी, अधिवेशन व कार्य।

राज्यसभा सदस्यों की योग्यताएं. कार्यकाल, पदाधिकारी, अधिवेशन व कार्य।

•  राष्ट्रपति-चुनाव, कार्यकाल, महाभियोग, शक्तियाँ, मंत्रिमंडल।

कानून बनाने की प्रक्रिया-साधारण बहुमत, विशेष बहुमत।

कानून बनाने की प्रक्रिया साधारण बहुमत, विशेष बहुमत ।

•  कार्यपालिका- प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद-चुनाव कार्य, संसद का मंत्रिपरिषद पर नियंत्रण।

•  न्यायपालिका-न्यायालय के प्रकार -

•  जनपद स्तरीय न्यायालय

•  उच्च न्यायालय

उच्चतम न्यायालय

•  न्यायाधीशों की योग्यताएं, कार्यकाल

•  उच्चतम न्यायालय के अधिकार

•  लोक अदालत

•  जनहित वाद

•  भारतीय वित्त व्यवस्था व बजट-कर व उसके प्रकार, केन्द्र व राज्यों के मध्य करों का बँटवारा, केन्द्र सरकार की आय-व्यय के स्रोत, राज्य सरकार की आय-व्यय की मदें, सरकार द्वारा शिक्षा के दृष्टिकोण से बजट-2013-14 में रखे गये बिन्दु।

•  पंचवर्षीय योजनाएं-क्या, पिछली 11वीं पंचवर्षीय योजनाओं के मुख्य बिन्दु, वर्तमान में 12 वीं पंचवर्षीय योजना-विशेषकार शिक्षा के दृष्टिकोण से।

•  भारतीय आधनिक बैंकिग व्यवस्था-बैंक व उनके प्रकार भारतय रिजर्व बैंक स्टेट बैंक भमि विकास बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, नाबार्ड, ई-बैंकिग, बैंको का राष्ट्रीयकरण व निजीकरण, आधुनिक अर्थव्यवस्था में बैंको का महत्व।


 

 

सेमेस्टर 3

सामान्य विषय-3

हिन्दी

कक्षा-शिक्षणः विषयवस्तु

पाठ्यपुस्तक में आये प्रमुख कवियों और लेखकों का सामान्य परिचय ।

श्रुत सामग्री में प्रयुक्त शब्दों, मुहावरों, लोकोक्तियों का प्रसंगानुकूल प्रयोग।

राष्ट्रीय पर्वो, मेला, त्योहार जैसे विषयों पर अपने शब्दों में गद्य अथवा पद्य में स्वतंत्र लेखन।

•  कर्ता कर्म के अनुसार क्रिया में परिवर्तन, तत्सम, तद्भव देशज रूपों का परिचय, सरल संयुक्त व मिश्रित वाक्य, वाक्यांश के लिए एक शब्द का प्रयोग।

पाठ्यपुस्तक के अतिरिक्त अन्य पाठ्यवस्तु को पढ़कर समझना।

•  औपचारिक एवं अनौपचारिक परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त भाषा का प्रयोग करना।

•  अधिगम प्रतिफल का मूल्यांकन, शिक्षण प्रक्रिया एवं बच्चों के क्रियाकलापों के साथ, प्रथम दो कक्षाओं में मौलिक और प्रेक्षात्मक मूल्यांकन। तथा कक्षा-3 से आगे की कक्षाओं में अन्य तकनीकों के पुरक रूप में लिखित परीक्षा का संचालन ।


 

 

सेमेस्टर-3

सामान्य विषय-3

संस्कृत

कक्षा विक्षणः विषयवस्तु

संस्कृत वर्णपरिचय व उनके ध्वनि उच्चारण स्थान का ज्ञान।

सन्धि प्रकरण - प्रकार, सूत्र, नियम निर्देश सहित सन्धि विग्रह एवं सन्धि करने का ज्ञान।

समास प्रकरण - अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, बहुब्रीहि व द्वन्द्व समास का ज्ञान।

शब्द रूप - शब्द प्रकार, वचन व विभक्तियों का ज्ञान।

धातुरूप - लट्, लोट्, लङ्, विधिलिङ् व लृट्लकार का पुरुष व वचन सहित ज्ञान।

कारक विभक्ति एवं चिह्न का ज्ञान।

सुभाषित श्लोकों का सस्वर पाठ व अनुकरण वाचन ।

पाठ्यपुस्तक के अंशों का सुलेख, अनुलेख. श्रुतलेख एवं सरल अनुवाद ।

संवाद पाठों पर आधारित संस्कृत में छोटे-छोटे वाक्यों की रचना करने का ज्ञान।

हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद ।

उपसर्ग, प्रत्यय एवं वाच्य परिवर्तन का ज्ञान।

एक से पचास तक संस्कृत संख्याओं का ज्ञान।

संभाव्य शिक्षण विधाएँ - शिक्षक प्रशिक्षण में क्रियाकलाप आधारित शिक्षण-अधिगम का ज्ञान, मॉडल, गेम, वीडियो क्लिप, ऑडियो क्लिप, प्रयोग तैयार करके, श्यामपट्ट कार्य के द्वारा, शब्द पट्टिका, चार्ट, कठिन शब्दों के चार्ट व उच्चारणाभ्यास के के द्वारा अभिनय व प्रश्नोत्तर, प्रशिक्षक-शिक्षक सहभागिता आदि के द्वारा प्रभावी शिक्षण के सम्भव है।

सेमेस्टर-3

सामान्य विषय-3

कम्प्यूटर शिक्षा

I.C.T. (Information & Communication Technology)

• Introduction to ICT

• Introduction & Basic Concepts

• Application & Benefits of ICT in education

• Scope of ICT in education

I.C.T. in Education & Studies

• For Teachers

• Use of ICT for knowledge enhancement

• Accessing Internet

• Using Websites (Wikipedia, open digital educational resources etc.)

• Using Search engines

• Communicating with Experts

• Accessing CD-ROMs & DVDs

• Using digital content

• Accessing digital content

•  Using eBooks

• Using eTutorials & training videos (YouTube etc.)

• Use of ICT for education delivery

• SMART CLASSES and Digital Blackboard

• Creating & using Slide-Presentations with Projectors

• Educational A-Vs (Audio-Videos) Modules (Animated or Non-Animated or both)

• Using online elabs, eLibraries & Muscum in classes

• Delivering Distance Education through Digital/Online services ODL mode

• EDUSAT

• Classes through Teleconferencing & Video conferencing

• Prasar Bharti's education services

•  Radio Service ("Gyanvani' Radio Station)

• Television Service (Door Darshan's 'Gyan Darshan' Chanel)

• Query handling through Chat applications & Email

• eTutions through Online Web-Portals

• Moocs, DER etc.

• For Students

• Use of ICT for knowledge enhancement

• Developing eContent through Internet

• Digital Project Development

• Accessing education through Radio and TV services

• Doubt clearing through online chats with experts

• Online Tests through Exam Web Portals (Merit Nation.com etc.)

• eTutions

• Accessing various competitive Exams information online

• Job Search & Enquiries through Job Portals (Naukri.com, Monster.com etc.)

I.C.T. in School Management

• Using Online services/tools

• Official Website for communication between school and students (and their guardians), School staff etc.

• Online complaint portal for queries and problem eradication

• Using School Management Software application/ tools

• Digitization of School Data for transparency (Attendance, Books, Uniforms, Test Scores etc.)

• Data mining for effective decision making

• ICT in office work

• Using Office packages for record maintenance & documentation

• Exchange of Emails for quick & cheap communication

• Teleconferencing & Video conferencing to save time & money

 

 

 


 



 




 यदि सिलेबस में कोई गलती है या पुराना है तो हमें WHATSAPP करें और 30 से 50 रुपए का PAYTM या UPI से पाइए

 




UP DELED 4th SEMESTER SYLLABUS


UP DELED 4 SEMESTER SYLLABUS

( Please confirm any change or update after downloading )

Download PDF


 

UP BTC D.El.Ed 4th Semester Subjects List :

सैद्धान्तिक विषय (Theory Subjects) :

आरंभिक स्तर पर भाषा के पठन/ लेखन एवं गणितीय क्षमता का विकास) (Development of language reading, writing and mathematical ability at the initial level) (edu 07)

शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशासन (Educational Management & Administration) (edu 08)

 

सामान्य विषय (General Subjects) :

विज्ञान (Science)

गणित (Mathematics)

सामाजिक अध्ययन (Social Study)

हिंदी (Hindi)

अंग्रेजी (English)

 

शान्ति शिक्षा एवं सतत विकास (Peace education and sustainable development)

 

सैद्धांतिक/ प्रायोगिक (Theory/ Practical) : कला/ संगीत/ शारीरिक शिक्षा/ स्वास्थय शिक्षा (Art/ Music/ Physical Education/ Health Education)

 

UP D.El.Ed 4th Semester Subject wise Syllabus 2019-2020

आरंभिक स्तर पर भाषा के पठन/ लेखन एवं गणितीय क्षमता का विकास) (Development of language reading, writing and mathematical ability at the initial level) (edu 07)


 

 

सेमेस्टर-4

सैदान्तिक विषय-edu07

आरम्भिक स्तर पर भाषा एवं गणित के पठन-लेखन तथा संख्यापूर्व सम्बोधों/क्षमताओं का विकास

कक्षा शिक्षण : विषयवस्तु

पठन एवं लेखन का अर्थ एवं महत्व ।

उद्देश्य।

उपयोगिता।

वर्ण, शब्द, वाक्य।

ध्वनि का अध्ययन।

स्वरों, व्यंजनों तथा व्यंजन समूहों को सुनकर समझना।

दिये गये निर्देश, सन्देश, सुनाये गये वर्णन, कविता, कहानियों, लोकगीतों आदि में निहित भावों तथा विचारों को सुनकर समझना।

हिन्दी/अंग्रेजी की सभी ध्वनियों, स्वरों, व्यंजनों का शुद्ध उच्चारण।

लिपि की सभी ध्वनियों के लिपि संकेतों को पहचानकर शुद्ध रूप में पढ़ना।

पूर्णविराम, अर्द्धविराम, प्रश्नवाचक तथा विस्मय सूचक चिह्नों को पहचानते हुए एवं विषयवस्तु को अर्थ ग्रहण करते हुए पढ़ना।

विलोम, समानार्थी, तुकान्त, अतुकान्त तथा समान ध्वनियों वाले शब्दों को पहचानना एवं पढ़ना।

लिपि संकेतों, स्वर, व्यंजन, मात्राएँ. संयुक्त वर्णों को सुडौल तथा आकर्षक रूप में लिखना।

अनुनासिक ध्वनियों के लिपि संकेतों को शुद्धता के साथ लिखना।

संख्यापूर्व तैयारी एवं सम्बोध।

• 1 से 9 तक की संख्याओं को वस्तुचित्रों की सहायता से गिनना, पढ़ना, लिखना।

संख्याओं को क्रमबद्ध करना।

गणितीय संक्रियायें-जोड़ना, घटाना एवं शून्य का ज्ञान।

इकाई, दहाई तथा सैकड़े का ज्ञान।


 

 

शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशासन (Educational Management & Administration) (edu 08)

सैदान्तिक विषय-edu08

शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन

कक्षा शिक्षण : विषयवस्तु

(ख) शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन

संस्थागत नियोजन एवं प्रबन्धन का अर्थ, आवश्यकता एवं महत्व ।

विद्यालय प्रबन्धन का अर्थ, आवश्यकता एवं महत्व।

विद्यालय प्रबन्धन के क्षेत्र

भौतिक संसाधनों का प्रबन्धन (विद्यालय भवन, फर्नीचर, शैक्षिक उपकरण, साज-सज्जा, पेयजल, शौचालय)।

मानवीय संसाधनों का प्रबंधन

पिक्षक

बच्चे

समुदाय (ग्राम शिक्षा समिति, विद्यालय प्रबंधन समिति, षिक्षक अभिभावक संघ, मातृषिक्षक संघ, महिला प्रेरक दल)

वित्तीय प्रबन्धन (विद्यालय अनुदान, टी०एल०एम० ग्रान्ट, विद्यालय को समुदाय से प्राप्त धन, विद्यालय की सम्पत्ति से अर्जित धन, ग्राम पंचायत निधि से/जनप्रतिनिधियों से प्राप्त अनुदान)।

शैक्षिक प्रबन्धन (कक्षा-कक्ष प्रबन्धन, पिक्षण अधिगम सामग्री प्रबन्धन, लर्निंग कार्नर एवं पुस्तकालय प्रबन्धन, पाठ्यपुस्तकें, कार्यपुस्तिकाएं. पिक्षक संदर्षिकाएँ, शब्दकोष का प्रयोग एवं प्रबन्धन)।

समय प्रबन्धन (समय सारिणी का निर्माण व प्रयोग)।

एक या दो अध्यापकों वाले विद्यालयों हेतु समय-सारिणी।

तीन या चार अध्यापकों वाले विद्यालयों हेतु समय-सारिणी।

पाँच अध्यापक वाले विद्यालय हेतु समय सारिणी।

पाठ्यसहगामी क्रियाकलापों का प्रबंधन- खेलकूद, शैक्षिक कार्यक्रम (वाद-विवाद, निबन्ध आदि), सांस्कृतिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय पर्व, शैक्षिक भ्रमण, बागवानी, सत्रांत समारोह) ।

सूचनाओं एवं अभिलेखों का प्रबन्धन (विद्यालयीय सूचनाओं का संकलन, विश्लेषण एवं अभिलेखीकरण)।

विद्यालय अभिलेख के प्रकार –

अध्यापक उपस्थिति पंजिका

 

पत्र उपस्थिति पंजिका

पत्र व्यवहार पंजिका

 

एस०एम०सी० पंजिका

एस०एम0सी0 आय-व्यय पंजिका

ग्राम शिक्षा निधि आय-व्यय पंजिका

ग्राम शिक्षा समिति बैठक पंजिका

मातृ शिक्षक संघ पंजिका

 

अभिभावक शिक्षक संघ पंजिका

शिक्षण अधिगम सामग्री पंजिका

स्टॉक पंजिका, निःशुल्क पुस्तक वितरण पंजिका

निशुल्क गणवेश वितरण पंजिका

बाल गणना/ परिवार सर्वेक्षण पंजिका

बालकों के जन्मदिन की

पंजिका

स्वास्थ्य परीक्षण पंजिका

 

छात्रवृत्ति वितरण पंजिका

 

अनुश्रवण/निरीक्षण पंजिका, शिक्षक डायरी, बुक-बैंक पंजिका

एम०डी०एम० कनवर्जन कॉस्ट एवं खाद्य पंजिका

कोटेशन रख-रखाव पंजिका

टेण्डर प्रक्रिया सम्बन्धी पंजिका

 

आदेश पंजिका

 

एम०डी०एम० वितरण पंजिका

 

 

आपदा प्रबन्धन।


 

 

सेमेस्टर -4

सामान्य विषय -4

विज्ञान

कक्षा शिक्षणः विषयवस्तु

जैव विकास, पारिस्थितिकीय तंत्र व उसके घटक (जैविक व अजैविक घटक), जैविक घटकों में खाद्य-श्रृंखला, खाद्य जाल, पारिस्थितिकीय पिरामिड।

खनिज एवं धातु :अयस्क, धातु का निष्कर्षण, धातु तथा अधातु में अन्तर।

आवर्तसारिणी की सामान्य जानकारी-विद्युत ऋणात्मकता।

स्थिर विद्युत आवेश-प्रकार, आवेश के सुचालक व कुचालक ।

विद्युत धारा व इसके उपयोग।

चुम्बकत्व-चुम्बक के गुण, उपयोग, पृथ्वी का चुम्बकीय व्यवहार, विद्युत चुम्बक ।

रक्त की संरचना, रक्त वर्ग, रक्त बैंक, रक्त के आदान-प्रदान में सावधानियां।

रक्त पीड़ित सामान्य रोगों की जानकारियां।

एड्स व हेपेटाइटिस-बी की सामान्य जानकारी, कारण लक्षण व बचाव के उपायों से अवगत कराना।

सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार।


 

 

सेमेस्टर -4

सामान्य विषय-4

गणित

कक्षा-शिक्षणः विषयवस्तु

करणी, करणीगत राषि, करणी चिन्ह तथा करणी का घातांक।

वर्ग, वर्गमूल, घन, घनमूल, की अवधारणा।

किसी संख्या का वर्गमूल तथा दषमलव संख्या का वर्गमूल ज्ञात करना।

पूर्ण घन संख्याओं तथा पूर्ण घन दषमलव संख्याओं का घनमूल।

किसी सिक्के के उछालने पर चित या पट के ऊपर पड़ने की सम्भावना का सम्बोध ।

किसी पासे को उछालने पर किसी एक फलक के ऊपर आने की संभावना।

दो या तीन सिक्कों को एक साथ फेकने का प्रयोग।

दो पासों को एक साथ फेंकने का प्रयोग।

सम्भावनाओं का दैनिक जीवन से सम्बन्ध ।

अवर्गीकृत आँकड़ों की माध्यिका एवं बहुलक की गणना।

त्रिकोणमितीय अनुपातों की अवधारणा तथा , 30°, 45°, 60° तथा 90° के कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात ज्ञात करना।

लम्बवृत्तीय बेलन तथा लम्बवृत्तीय शंकु की अवधारणा तथा इनका आयतन एवं सम्पूर्ण पृष्ठ।

वर्ग समीकरण, x2=k के रूप वाले समीकरण का हल। ax2+bx+c=0 का हल (गुणनखण्ड विधि से)

दो अज्ञात राषि वाले रेखीय समीकरण (युगपत् समीकरण)

समलम्ब का क्षेत्रफल

वृत्त की परिधि एवं व्यास में सम्बन्ध

वृत्त का क्षेत्रफल

चतुर्भुज का अर्थ, इसके विकर्ण, संलग्न भुजाएं सम्मुख भुजायें, सम्मुख तथा बाहय कोणों का बोध

चतुर्भुज के प्रकार-वर्ग, आयत, समचतुर्भुज, सामान्तर चतुर्भुज एवं समलम्ब । इनके प्रगुणों का प्रयोगिक सत्यापन।

चक्रीय चतुर्भुज तथा चक्रीय बिन्दु की अवधारणा।


 

 

सेमेस्टर-4

सामान्य विषय-4

सामाजिक अध्ययन

कक्षा-शिक्षणः विषयवस्तु

• 1857 का प्रथम स्वाधीनता संग्राम तथा स्वतंत्रता प्राप्ति हेतु प्रयास।

धार्मिक तथा समाज सुधार आन्दोलन-ब्रह्म समाज, प्रार्थना समाज, आर्य समाज, रामकृष्ण मिशन, थियोसोफिकल सोसाइटी, मुस्लिम धार्मिक आंदोलन (सर सैय्यद अहमद खाँ)।

भारत का राष्ट्रीय आंदोलन-इंडियन नेशनल कांग्रेस का जन्म, बंगभंग, रौलट एक्ट, जलियाँवाला बाग हत्याकांड, खिलाफत आंदोलन, असहयोग आंदोलन, चौरी-चौरा काण्ड, काकोरी काण्ड, स्वराज्य दल, साइमन कमीशन, बारदौली सत्याग्रह, नेहरू रिपोर्ट।

पूर्ण स्वतंत्रता की मांग-जिन्ना की चौदह शर्ते, सविनय अवज्ञा आंदोलन, प्रथम गोलमेज सम्मेलन, गांधी इरविन समझौता, द्वितीय गोलमेज सम्मेलन, पूना पैक्ट, भारत छोड़ो आन्दोलन तथा स्वतंत्रता की प्राप्ति।

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के प्रमुख उदार एवं उग्र राष्ट्रवादी नेताओं का योगदान महात्मा गाँधी, जवाहर लाल नेहरू, गोपाल कृष्ण गोखले, दादाभाई नौरोजी, सुभाष चन्द्र बोस, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय।

जलवायु एवं मौसम में अन्तर एवं जलवायु को प्रभावित करने वाले तत्व।

भारत के प्राकृतिक प्रदेशबनावट, जनजीवन, कृषि, उद्योग-धंधे, प्रमुख राज्य व नगर।

उत्तर प्रदेश के प्राकृतिक प्रदेश-विस्तार, प्रमुख नगर, जनजीवन, उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जातियां एवं जनजातियां।

उत्तर प्रदेश की खनिज सम्पदा, शक्ति के साधन, कृषि और सिंचाई।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख आयात-निर्यात एवं उसका हमारी अर्थव्यवथा पर प्रभाव।

उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत- पुरातात्विक विरासत, कलाएं, मेले व त्यौहार, तीर्थस्थान, विरासत का संरक्षण।

पर्यावरण प्रदूषण-अर्थ, प्रकार व रोकथाम।

संयुक्त राष्ट्रसंघ-गठन, अंग, कार्य।

जनगणना।

नागरिक सुरक्षा।

सरकार की विभिन्न जनहित योजनाएं-भारत एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान में चलायी जा रही स्वरोजगार योजनाएं।

गैर सरकारी संगठन (एन0जी00)

विविधता में एकता, राष्ट्रीय एकता के प्रतीक।

आतंकवाद, सांप्रदायिकता तथा जातिवाद-अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के संरक्षण हेतु संवैधानिक प्राविधान, भारत के शान्ति प्रयास-गुट निरपेक्षता की नीति, पंचशील के सिद्धान्त, संयुक्त राष्ट्रसंघ के माध्यम से भारत के शांति प्रयास।

भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष प्रमुख चुनौतियां :-

गरीबी-जनसंख्या वृद्धि-जनसंख्या का घनत्व, माल्थस का जनंसख्या सिद्धान्त, जनसंख्या वृद्धि, आर्थिक विकास में बाधक, भारत में जनांकिकीय प्रवृत्तियाँ, जन्म एवं मृत्यु दर, लिंग अनुपात, भारत की राष्ट्रीय जनसंख्या नीति।

भारत में गरीबी के कारण, भारत में गरीबी रेखा, गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम ।

बेरोजगारी-प्रकार, बरोजगारी उन्मूलन पर वर्तमान में सरकार द्वारा संचालित योजनाएं।

साक्षरता दर

भारत में खाद्य सुरक्षा एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली :- खाद्य सुरक्षा की समस्या, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य व प्रसार, भारतीय खाद्य निगम, लक्षित सार्वजनिक वितरण योजना, एकीकृत बाल विकास योजनाएं (आई०सी०डी०एस०) दोपहर भोजन व्यवस्था (एम०डी०एम०), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक।

भूमण्डलीकरण तथा सांख्यिकी- परिचय, आंकड़ों का प्रदर्शन व महत्व, समान्तर माध्य, माध्यिका, बहुलका


 

 

सेमेस्टर-4

सामान्य विषय-4

हिन्दी

कक्षा शिक्षणः विषयवस्तु

अनिवार्य संस्कृत में अनुस्वार, हलन्त, विसर्ग आदि का ध्यान रखते हुए शुद्ध उच्चारण, वाचन एवं लेखन।

पाठ्यपुस्तक के अतिरिक्त अन्य पाठ्यवस्तु को समझकर पढ़ना।

दिये गये अनुच्छेदों के शीर्षक लिखना। उच्च प्राथमिक स्तर की पाठ्यपुस्तकों में सम्मिलित कविता, निबन्ध, कहानी, एकांकी, यात्रावृतान्त, जीवनी, आत्मकथा, पत्रलेखन, नाटक के लेखकों का सामान्य परिचय, उनका अध्ययन व अध्यापन कार्य।

अनिवार्य संस्कृत के पाठों का अध्यापन । नीति, श्लोकों को कंठस्थ कराना।

संस्कृत के शब्द भंडार में वृद्धि हेतु कठिन शब्दों को चुनना, संकलन करना और वाक्य प्रयोग कराना।


 

 

सेमेस्टर-4

सामान्य विषय-4

अंग्रेजी

1. Theoretical aspects

• Different approaches and methods of teaching English

• Grammar translation method.

• Direct method.

• Structural approach cum situational technique.

• Communicative approach.

• Listening with comprehensions- Public announcements, T.V. News etc

2. Content specification

• Grammar

• Complex and compound sentences

• Commands and requests

• Tenses : Present, Past & Future

• Indefinite . Continuous

• Perfect

• Perfect continuous

• Grammar:

• Preposition

• Conjunction

• Writing

• Description of Pictures or objects.

• Letter, Applications.

• Filling up the forms.

• Lesson planning

3. Sessional work/ Project work

• Viva-voce.

 

 

 


 




 यदि सिलेबस में कोई गलती है या पुराना है तो हमें WHATSAPP करें और 30 से 50 रुपए का PAYTM या UPI से पाइए

Follow us